छूटल रे नैहर नगरी से नाता, जिन सखियन संग बचपन खेली, उनसे मोहब्बत टूटल रेPradipkumar Jha • 14 views
तेरे मुरली की मधुरी तान कन्हैया देखो फिर से बजाय जायो रागनी सारंग देश केदार पीलू सोरठ जंगला भैंरव भीPradipkumar Jha • 13 views
आज सँवरिया ससुर घर जाना, ससुर घर जानाPradipkumar Jha • 12 views
चललू सासुरा के डगरिया ए गुनवाँ एकोउ न सिखलू ना चलने लगी ससुराल(पिया) के रस्ते गुन एक भी नहीं सीख पाईPradipkumar Jha • 40 views
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#भक्ति#गीत#यात्रा ही#मंजिल है#हम चल तो पड़े हैं जज़बा—ए दिल जाना है किधर मालूम नहीं; आगाज़े—सफर पर नाज़ां हैं, अन्जामे —सफर मालूम नहींPlaylist • Pradipkumar Jha • 1K views
राग=स्वर और वर्ण से विभूषित ध्वनि जो मनुष्य के मन का रंजन करे, राग संगीत=मन और शरीर को संगीत के सुरों से रंगनाPlaylist • Pradipkumar Jha • 644 views